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भजन-१७

15 January 2024

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वीर हनुमान रउरा सेवक हईं राम के । हमके उबार लिहीं नइखीं कवनो काम के ।।

घर ना दुआर हमरा रहीले किराया पर, कवनो आधार नइखे बानीं रउरा दाया पर । नाहीं बाँटे बुद्धि बल नाहीं बल दाम के ।। हमके उबार लिहीं...।।

सुनिले कि दुखिया के दिहीले सहारा, डुबऽतानी बीच में ना मिलऽता किनारा । रखनी सुग्रीव के मिला के श्रीराम के ।। हमके उबार लिहीं...।।

दुखिया विभीषण के तिलक करवनीं, क्षणहि में जार खोर लंकावा जरवनीं । रोवाँ एको जरल नाहीं हिया रखनी राम के ।। हमके उबार लिहीं...।।

सिया जी वियोगिनी के लिहनी बचाई, रामकथा कहके दिहीं अँगूठी गिराई । लिहलीं सम्हार माता अँजुरी में थाम के ।। हमके उबार लिहीं...।।

लखन के प्राण रखनीं बुटिया ले आइके, भरत जी के रक्षा कइनीं आगमन सुनाइ के । रउरा आधार एक प्रभु जी का नाम के ।। हमके उबार लिहीं...।।

चारो जुग में रहेला रउरे प्रभउआ, शरण में रउरा कवनो होला ना अभउआ । अपना शरण में राखीं 'भूषण' बदनाम के ।। हमके उबार लिहीं...।।

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लेख
भूषण भजनावली
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बाबू जी (स्व० फुलेना सिंह) का कीर्तन भजन के छाप हमरा बालक-मन पर खूब पड़ल। लड़िकाइएँ से कविता, गीत-गवनई आ कथा-कहानी में मन रमे लागल। विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम होखे त, खुलके भाग लीं। विद्यार्थिये जीवन से कुछ-कुछ लिखके दोस्तन के सुनाई । आगे चलके केतना कविता लिखाइल, बाकिर संग्रह ना हो सकल । कोरोना काल में बइठल-बइठल कुछ कविता लिखनीं । एक दिन भोजपुरी के सजग सेवक भाई जौहर शफियाबादी से बात भइल । उहाँका कहनीं कि हिन्दी के भण्डार भरल बा। भोजपुरी भाषा में रचना होखो । सलाह नीक लागल। लिखे के काम जारी रहल । देखते-देखते सैकड़न भजन लिखा गइल। एक दिन जौहर जी डायरी देखलन । कहलन कि अविलम्ब छपवावे के काम होखो ।
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उद्गार

13 January 2024
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बाबू जी (स्व० फुलेना सिंह) का कीर्तन भजन के छाप हमरा बालक-मन पर खूब पड़ल । लड़िकाइएँ से कविता, गीत-गवनई आ कथा-कहानी में मन रमे लागल । विद्यालय में सांस्कृतिक कार्यक्रम होखे त, खुलके भाग लीं। विद्यार्थ

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भजन-१

13 January 2024
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हम त नमन करीले गौरी का गणेश के । रउरा नासक हईं कलि का कलेश के ना । रउरा मुद मंगल के दाता, हई बुद्धि के विधाता, रउरा बालक हई गिरिजा महेश के । गौरी का गणेश के ना ।। बनवनी मूस के सवारी, पूजनी पिता महता

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भजन-२

13 January 2024
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होई प्रसन्न गणनाथ जी, तनी दया दरसाई । रखनी चरनियाँ पर माथजी, आपन हाथ फइलाई ।। रउआ बिना होला नाहीं पूरा कवनो रचना, एही से तऽ होला राउर, पहिले पूजा अर्चना । कवि विद्वानन के दिले रउरा साथ जी ।। तनी दया।

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भजन-३

13 January 2024
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जोरिके जुगल हाथऽ, कहतानी नाई माथऽ, छोरिं जनि कबो मोर साथ मइया शारदा । कर दीं कृपा के कोर, शब्द नाहीं पड़े भोर, देइ दिहीं भगति के डोर मइया शारदा । उपजे विचार नाया, कइले रहीं अइसन दाया, डाल दिहीं छोहि

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भजन-४

13 January 2024
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आइ रउरा शरण में, माथ नाई चरण में, माँगिले सुबुधिया के भीख मइया शारदा । माया के नगरिया में, कुचकुच अन्हरिया में, सूझत नइखे रहिया के लीख मइया शारदा । दिहतु नजरिया फेरी, करतु ना तनिको देरी, गोदिया में

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भंजन-५

13 January 2024
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विनती करीले मइया दसो नोह जोड़ के । शारदा दरस दिहीं रोज-रोज भोरे के ।। मन निरमल मइया सबल दिहीं काया । बिगरल सुधार दिहीं कर दिहीं दाया ।। असरा में बइठल बानी रउरा अगोर के । शारदा दरस दिहीं रोज-रोज भोर

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भजन-६

13 January 2024
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सुनऽ मइया सुरसती, करी दऽ विमल मति, होखे राम चरण में रति, मझ्या शारदा । देखि दुनिया के रीति, मन में भइल भीति, केहू-से-केहू के ना बा प्रीति, मइया शारदा । माई-बाप के मान गइल, प्रिय ससुरार भइल, बेटा भइल

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भजन-७

13 January 2024
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सुरसती बनिकर हंस पर सवार होलू, बुद्धिया का जड़ता के क्षण में मिटावेलू । पल में दयाल होलू अपना सेवकवा प, महाकवि गुंगवो के पल मे बनावेलू । पारबती बनि जब शेर पर सवार होलू, शिवजी से अमर-अमर कथा तू कहवाव

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भजन-८

13 January 2024
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देवी मइया शारदा से करीले निहोरा नित, हियरा में सरघा के सुमन खिलाई दऽ । चले के सहुर नइखे तनिको डगरिया, अंगुरी घराइ कर चले के सिखाई दऽ । जारि-खोरि क्षार क दऽ, मोर दुरबुधिया, नव-नव चेतना के दियरा जराई

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भजन-६

13 January 2024
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सबकुछ भइल विपरीत हो, सुनऽ दुर्गा जी माई। देख-देख हाल अब आवडता रोआई ।। आदमी के देख-देख अदकल आदमी । आदमी का जान के बा भूखल आदमी ।। दाढ़ी जटा देख मन भइल भयभीत हो । सुनऽ दुर्गा जी माई... .11 आदमी करत ब

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भजन-१०

13 January 2024
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दुर्गा माई आईं तनिं, देरी रउरा करी जनिं, कोरोना का कोप से देश के बचाई। घर में बा लोग बंद, अकिल भइल मंद, सुन-सुन समाचार आवत बाटे झाँई । रूप विकराल करी, खप्पर तलवार धरी, वायरस काटि-काटि दाँत से चबाई ।

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भजन-११

15 January 2024
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पाप बहुत बढ़ल बाटे, भल लोग डरल बाटे, धरिके अनेक रूप दुर्गा जी आईं। मारके अधरमी के, राख लिहीं धरमी के, धरम के धाजा रउआ खुद फहराई। अब जनि रहीं चूप, धरीं विकराल रूप, कोरोना के धरि-धरि चट करि जाईं । 'भ

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भजन-१२

15 January 2024
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सुनी अवढ़रदानी शिव, हम त अनाथ जीव, होइके दयाल रउरा दया दरसाईं। कहिके अमर कथा हरनीं सती के व्यथा, उहे कथा भोला बाबा हमके सुनाई । भव से उबार दिहीं, बिगड़ल सुधार दिहीं, जनम-जनमवाँ के कलुश मिटाई। 'भूषण

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भजन-१३

15 January 2024
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चरण पर धके माथ, हम तऽ पूछिले नाथ, साँचो का बदल गइल दया के सुभउआ । अइसन बढ़ल पीड़, मनवा के छुटल धीर, बरिस ऽता अँखिया से सावन भदउआ । मन में भरल मल, हम का चढ़ाई जल, जटा से बहेला रउरा गंगा के धरउआ । 'भ

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भजन-१४

15 January 2024
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हम त चरण पूजिले हनुमत ब्रह्मचारी के । रघुवर चरण पुजारी के ना ।। देवि अंजनि राउर माई, पिता पवनदेव सुखदाई, रउरा अंश हई शंकर त्रिपुरारि के । रघुवर चरण पुजारी के ना ।। रउरा तेजवंत बलवीर, राउर इष्टदेव र

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भजन-१५

15 January 2024
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हम त नमन करीले केशरी कुमार के । जे वाहन हउवे अवध सरकार के ना ।। हउवन अतुलित बल के धाम, जेकरा बस में बारे राम । अपना कान्ह पर उठवले जगदाधार के ।। केशरी कुमार के...।। शोभे जाँघ लगोटी लाल, भाल तिलक विश

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भजन-१६

15 January 2024
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हम त अरज करीले हनुमत महावीर के । चरण-कमल में गिर के ना ।। रउरा बाल ब्रह्मचारी, मननी माता सम परनारी । अपना हिया में बसवनीं रघुवीर के ।। चरण-कमल में...।। बतिया जामवंत के मान, क्षण में गइनीं सिंधु फान

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भजन-१७

15 January 2024
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वीर हनुमान रउरा सेवक हईं राम के । हमके उबार लिहीं नइखीं कवनो काम के ।। घर ना दुआर हमरा रहीले किराया पर, कवनो आधार नइखे बानीं रउरा दाया पर । नाहीं बाँटे बुद्धि बल नाहीं बल दाम के ।। हमके उबार लिहीं...

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भजन-१८

15 January 2024
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वीर हनुमान बइठल बानीं मुँह फेर के । काहे नइखीं सुनत अपना सेवका के टेर कें ।। रउरा के छोड़ हम कहीं कहाँ जाईं । केकरा से जाके आपन विपति सुनाई ।। शरण में बानीं हम रउरा अइसन शेर के । वीर हनुमान बइठल बान

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भजन-१६

15 January 2024
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मन तू सुमिरन करऽ हनुमत महावीर के । उ तऽ बदल देलन भगतन का तकदीर के ना ।। हउवन शंकर के अवतार, उठवलन राम लखन के भार । बल के थाह ना बा इनका शरीर के ।। भगतन का...।। करस ना बल के ई अभिमान, करेलन सदा राम ग

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भजन-२०

15 January 2024
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राम नाम में दिहीं नेह, सेवा में लगाई देह । छुटे नाही राम से स्नेह हनुमान जी ।। दिने दिने बढ़ो चाह, भगति के मिलो राह । मिटत जाय वासना के दाह हनुमान जी ।। जइसे जइसे दिन बीते, भवरस होखे रीते । जगत के ग

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भजन-२१

15 January 2024
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सबकर कइलऽ सुधार हो, अंजनी के दुलरूआ । हमरा बेर गईलऽ काहे हार हो अंजनी के दुलरूआ ।। डूबत सुग्रीव के तू हनुमत बचवलऽ, लाके श्री रामजी के दोस्ती कर ऽवलऽ । कान्ह पर उठवलऽ उनकर भार हो ।। अंजनी के दुलरूआ...

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भजन-२३

16 January 2024
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मानत नइखे मनवाँ हरामी हो, तनि हनुमत सुधारऽ । होत जात विषयानुगामी हो, तनिं हनुमत सुधारऽ ।। तोहरा चरनिया से भागऽताटे दूर, वासना का रस में ई डूबल भरपूर । सहऽता अपार बदनामी हो, तनि हनुमत सुधारऽ।। झुठे क

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भजन-२४

16 January 2024
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नीक चाहे बानी बदऽ, सब दोष कऽ दीं रदऽ, राख लीं चरनियाँ के पास हनुमान जी ।। जिनगी में रस नइखे, चलत कवनो बस नइखे । कर दीं विपत्तिया के नाश हनुमान जी ।। छोरिके चरण राउर, हम कहवाँ जाई आउर । मान लिहीं दास

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भजन-२५

16 January 2024
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हे हनुमान हम करीले निहोरा । हमरा के दिहीं अपना भगति के झोरा ।। हे हनुमान...।। रउरा त हई प्रभु रिद्धि-सिद्धि दाता । दीन-हीन दुखिया का भाग के विधाता ।। भगतन का विपत्ति के फेकिले एकोरा । हे हनुमान हम कर

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भजन-२६

16 January 2024
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सुनीं हनुमान जी एतने बा अरजी । जइसे चाहीं तइसे राखीं राउर बाटे मरजी ।। समरथ सहायक रउरा हई श्रीराम के, उनकर सँवार देनीं बिगड़ल काम के । सीताराम सुमिरिले आटो पहर जी ।। सुनी.....।। रोम-रोम राउर बा राम

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भजन-२७

16 January 2024
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हे हनुमान रउरा हमरा के वर दीं। भगति के भाव मोरा हियरा में भर दीं।। है हनुमान...।। निरमल निरोग दिहीं तन मन माया, रघुवर चरनिया में भगति अमाया । रहे खातिर सुन्दर एगो घर दीं, हे हनुमान रउरा हमरा के वर दी

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भजन-२८

16 January 2024
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हनुमत सबका विपतिया के नाश करेलऽ । काहे हमरा बेरि मनवाँ उदास करेलऽ ।। दीन होके तोहरा के जे केहू पुकारेला, आवेलऽ तू दउरल ओकर बिगड़ल सँवारेला । राम के बोलाके ओकरा पास करेलऽ ।। काहें.....।। नइखे कवनो का

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भजन-२६

16 January 2024
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हनुमत गोसाई करीं नइया के पार । देखीं कहीं डूबे नाहीं ठीक बीचे धार ।। आपन सब बुता अब गइनी हम हार । रउरे पर सौंप देनी जिनगी के भार ।। पूरा बा भरोसा रउरा करब उबार । हनुमत गोसाईं करीं नइया के पार ।। निर

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भजन-३०

16 January 2024
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हमरा प कृपा करी हे हनुमान। रउरा पलट दीलें सब अनुमान ।। टेक....।। एक बेर डाल दिहीं आपन निगाह, खुल जाव जिनगी के बन्द सब राह । सेवक आपन हमरा के लिहीं रउरा मान ।। हमरा प...।। एकबेर याद करी रउरा आपन बल,

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भजन-३१

16 January 2024
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रहेलऽ उदास काहे, अनकर आस काहे । स्वामी समरथ हनुमान मोर मनवाँ ।। धइले रह उनकर गोर, राम नाम ना पड़े भोर । पूरा करीहें सब अरमान मोर मनवाँ ।। करऽ नाहीं तनि शोक, जइबऽ साकेत लोक । जाये खातिर अबवऽ विमान मो

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भजन-३२

16 January 2024
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हे हनुमान करीं रक्षा अपना दास के, जड़ से उखाड़ फेर्की वासना का घास के । से कहो । जगत से आस नाहीं मनवा में रहो, जवन चाहे मन तवन रउरे रउरे पकड़ लिहीं मनवाँ के रास के ।। हे हनुमान करी...।। राम का भगतवन

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भजन-३३

16 January 2024
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काहे दूर भागऽतारऽ मन हनुमान से । माया में भुलाइल बाड़ऽ कवना गुमान से ।। धन बल रूप बाटे दुनिया में छनिक, भरम में बूझेल तू अपना के धनिक । खाली हाथ जइबऽ तू कहियो जहान से ।। काहे दूर...।। छन-छन छुटताटे

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भजन-३४

17 January 2024
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हे हनुमान लिहीं हमके बचाई । गिरे नाहीं गोर कही गरहा में जाई ।। रउरा लेखा नइखे केहू दुनिया में समरथ, हाँकी हमरा जिनगी के अब रउरा रथ । रामजी के ढ़ोवनीं रउरा कान्ह पर उठाई ।। हे हनुमान...।। बाल ब्रह्मच

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भजन-३५

17 January 2024
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हे हनुमान खोलीं भगिया के ताला । कुछ ना असम्भव रउरा जग में बुझाला ।। बल अतुलित रउरा बुधिया के धाम हई । हमरा बुझाला रउरा दीनबन्धु राम हई ।। रख लीले शरण में जे रउरा जाला । हे हनुमान खोलीं भगिया के ताला

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भजन-३६

17 January 2024
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काहे हनुमान कइनीं एता देरिया । हम बेर-बेर लगाई राउर के टेरिया ।। दुखिया के दुख दूर आके रउरा करीले । कालो के महाकाल केहू से ना डरीले ।। फान के समुन्दर गइनीं सिया भीरिया । काहे हनुमान कइनीं एता देरिया

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भजन-३७

17 January 2024
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एक बेर ताक दिहीं वीर बजरंगी । जनम जनमवाँ के छुट जाई तंगी ।। शंकर के हई रउरा एकादस अवतार । कान्ह पर उठवनीं रउरा राम जी के भार ।। संकट में रहनीं रउरा सुग्रीव के संगी ।। एक बेर...।। मान लेनीं सीता जी र

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भजन-३८

17 January 2024
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आइके सरनियाँ में माँगिले भीख । दिहीं बजरंगबली हमरा के सीख ।। तन-मन लागे मोर पर उपकार में, एक-एक साँस रहो नाम के उचार में। सुनके पिघल जाई दुखिया के चीख ।। आईके...।। भगति का रहिया प हमके चलाई, होइके द

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भजन-३६

17 January 2024
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वीर हनुमान सुनीं विनती गरीब के । रामजी के सेवक हई रउरा करीब के ।। दुखिया के दुख रउरा राम के सुनाइले, लाके श्रीराम जी के छन में मिलाइले । तुड़ताड़ फेक दिले दुख का जरीब के ।। वीर हनुमान...।। चारो ओर स

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भजन-४०

17 January 2024
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नड्या बाटे बीचे घार, टूटल बाटे पतवार, अपने लगाई ओह पार हनुमान जी । साथी नाहीं देलख साथ, छोड़ के गइल हाथ, रखनीं चरनियाँ पर माथ हनुमान जी । बहुते खराब दसा, रउरे से लागल आसा, आईके पलटि दिहीं पासा हनुमा

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भजन-४१

17 January 2024
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कइसे होई नइया पार हो मन कहऽ हनुमान से । देहिया में बल नइखे बगली में दाम, करेके तू ठान लेलऽ बड़-बड़ काम । गोर थर-थर काँपे, चढ़ेलऽ पहाड़ हो मन कहऽ हनुमान से ।। टेक।। नीचे नाहीं धरती बा, ऊपर आसमान, मनव

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भजन-४२

17 January 2024
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हे हनुमान गदा तनी सा घुमाईं । वायरस के मार-मार कोरोना भगाई ।। दुनिया के संगे भइल भारतो बेहाल, बंदी से भइल बाटे अति बुरा हाल । देखीं ना अमेरिका का आवताटे झाँई ।। हे हनुमान गदा...।। इटली आ चीनो के बिग

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भजन-४३

17 January 2024
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कोरोना के फइलल रोग, नइखे लागत कवनो जोग, भइल बा लाचार सब लोग हनुमान जी । चाइना से चलल काल, बुरा कइलस सबकर हाल, लाखो लोग के कइलस हलाल हनुमान जी । विश्व के अनेक देश, सहऽता कलेष शेष, भारतो में कइले बा प

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भजन-४४

17 January 2024
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हे हनुमान दया तनिए-सा कर दीं, मुरिया पर हाथ आपन एक बेर घर दीं। अतुलित बल के धाम रउरा जग में कहाइले । श्री सीताराम जी के हिया में बसाइले ।। सुखवा के साज हमरा जिनगी में भर दीं। हे हनुमान दया तनिए सा कर

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भजन-४५

19 January 2024
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आई हनुमान देखीं दशा हिन्दुस्तान के । मारऽताटे कोरोना निर्दोष इन्सान के ।। बेसी परेशान भइले देश के मजूर, बड़ी दूर । गइले कमाय अपना घर से लौटऽतारे पैदल थैला, पीठ पर तान के ।। आई...।। बंद बाटे लोग सब अ

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भजन-४६

19 January 2024
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गुरु का चरनिया के धूल, मन माथे पर धरिहऽ । भीतर के आँख जाई खुल, मन माथे पर धरिहऽ ।। सब सुख भरल बा गुरु का चरण में, हरदम रहिहऽ तू उनका शरण में। जिनगी का बगिया में खिली नया फूल ।। मन माधे...।। गुरु के

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भजन४७

19 January 2024
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गुरु का चरनिया के लीक, मन चलऽ, पकड़ के । रहिया में भरल बाटे, काँदो कीचड़ पानी, चल तू बचाके नातऽ होई हलकानी । सुनेके मिली धिक-धिक, मन चल पकड़ के ।। गुरू का...।। एने-ओने धावऽ मत चल एक ओर से, आगे-पीछे

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भजन-४८

19 January 2024
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नामवाँ रतनवाँ के खान हो, मन भटकेलऽ काहे । तहरा के घइले बा अटकन भटकन" । जनमवाँ से खात बाड़ऽ पटकन ।। जनम तबहूँ ना छुटऽताटे बान हो, मन भटकेल काहे । नामवाँ रतनवाँ के खान हो मन भटकेलऽ काहे ।। इहे तन हवे

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भजन-४६

19 January 2024
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नामवाँ रतनवाँ के खान हो, मन जप के तू देखऽ । अगुन-सगुन बीच नाम दुभषिया, कहतारे तुलसी जी नाम के रसिया । दूनों के कराइ देला ज्ञान हो, मन जप के तू देखऽ ।। जपला से आरत के होला दुख दूर, सब सुख जिनगी में आ

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भजन-५०

19 January 2024
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नामवाँ रतनवाँ के खान हो, मन तोहरा ना तनिको बुझाला । नामवे में ज्ञान बाटे नामवे भगति, नामवे में छिपल बा करम के सकति । नामवे में बाड़े किरपाला हो, मन तोहरा ना तनिको बुझाला ।। दुइए अछरवा के बाटे राम ना

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भजन-५१

19 January 2024
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सीखऽ-सीखऽ-सीखऽ मन दुख-सुख सहेके । जब ना सहाय तब रामजी से कहेके ।। सुख जब आवेला त खूब अगरालऽ । दुःख जब आवेला त काहे अगुतालऽ ।1 थिर होके सीख लऽ तू राम-राम कहेके । सीखऽ सीखऽ सीखऽ मन दुःख सुख सहेके ।। म

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भजन-५१

19 January 2024
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सीख ऽ-सीख ऽ-सीख ऽ मन दुख-सुख सहेके । जब ना सहाय तब रामजी से कहेके ।। सुख जब आवेला त खूब दुःख जब आवेला त काहे अगरालऽ । अगुतालऽ ।I थिर होके सीख लऽ तू राम-राम कहेके । सीखऽ सीखऽ सीखऽ मन दुःख सुख सहेके ।।

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भजन-५२

19 January 2024
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थोड़े दिन के जिनगी बा, करऽ निमन काम, हमरो मनवाँ हो, ना तऽ होइब जग में बदनाम ।। हमरो मनवाँ हो...।। एक लेखा रहेला ना केहूके समइया, उगेला झड़ेला जइसे पेड़ के पतइया । बरखा के बाद जइसे उगि जाला घाम ।। हमरो

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भजन-५३

19 January 2024
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साधु संगत कइलऽ ना, समय भइल बर्बाद । जीवन-खेत में डलऽलऽ ना, राम भगति के खाद ।। देखते-देखते बचपन बीतल, मस्त जवानी आइल । अपना धुन में मस्त रहलऽ, बात ना नीक सुनाइल ।। धर्मनीति से दूर तू रहलऽ, कइलऽ बहुत व

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भजन-५४

19 January 2024
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हमरो मनवाँ हो काहे ना जपेलऽ सीताराम । संत लोग के जीवन नामवाँ शिवजी के धनवाँ ।। हमरो मनवाँ हो, महामंत्र हवे इहे नाम ।। टेक...।। मूँस के सवारी जेकर देहिया रहे भारी । हमरो मनवाँ हो, देवगण में भइले अगुआन

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भजन-५४

20 January 2024
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हमरो मनवाँ हो काहे ना जपेलऽ सीताराम । संत लोग के जीवन नामवाँ शिवजी के धनवाँ ।। हमरो मनवाँ हो, महामंत्र हवे इहे नाम ।। टेक...।। मूस के सवारी जेकर देहिया रहे भारी। हमरो मनवाँ हो, देवगण में भइले अगुआन ।

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भजन-५५

20 January 2024
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सीताराम नाम एकहि आधार भाई जी । झूठो लागल बाटे माया के बाजार भाई जी ।। दुनिया माया के दुरंगी, कहियो छुटी नाहीं तंगी । मन थिर कके करीं ना विचार भाई जी ।। सीताराम...।। केहू रहल बा ना रही, जे-जे सजल बा

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भजन-५६

20 January 2024
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सीताराम रटऽ भइया जोर-जोर से । ताली हाथ से बाजा के बोल पोर-पोर से ।। बिगड़ल बन जाई काम, कृपा करीहें श्रीराम । प्रेम-भाव तू बढ़ाव हियरा के कोर से ।। सीताराम रटऽ भइया जोर-जोर से ।। जे-जे प्रेम-भाव से ग

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भजन-५७

20 January 2024
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सीताराम जपऽ ना तू मन चितलाई के । जीये लऽ अनेरे काहे दुनिया में आइके ।। अबहूँ से जोड़लऽ तू रामजी से नेहिया । धीरे-धीरे होखऽता पुरान तोहर देहिया ।। नातऽ पछतइब पीछे अवसर गँवाई के । सीताराम जपऽ ना तू मन

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भजन-५८

20 January 2024
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सीताराम-सीताराम सीताराम बोलऽ । हानि-लाभ सह, मत नीतिया से डोलऽ ।। कबो होई लाभ कबो हो जाई हानि । मनवाँ में करीह ना तनिको ग्लानि ।। रोज-रोज अपना के तुला पर तोलऽ । सीताराम सीताराम सीताराम बोलऽ ।। सीखऽ म

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भजन-५६

22 January 2024
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सीताराम रटऽ मन घड़ी घड़ी । नातऽ जमराज मारी छड़ी छड़ी ।। मार-मार दिही तोहरा देहिया के फोड़, अंखिया से ढ़रे लागी झरझर लोर । सहबऽ दुसह दुख पड़ी पड़ी ।। सीताराम...।। रामजी के भजबऽ त जम्ह डर जइहें, तहरा

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भजन-६०

22 January 2024
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काहे करेलऽ मनमानी हो, मन सिया जी से कहऽ । उनके चरनिया में नेहिया लगावऽ, रामजी का कीरति के प्रेम से तू गावऽ । जवने विधि राखस सिया, तवने विधि रह ।। काहे करेल...।। सिया महारानी कृपा करेली गरीब पर, घूमि

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भजन-६१

22 January 2024
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सिया के चरनिया के दास, मन बनके तू रहऽ । माता जी जेकरा के आपन बनावेली, ओकर उलझन सब खुद सुलझावेली । विपति के कइ देली नाश, मन बन के तू रहऽ ।। सिया के...।। लछुमन से कहली सुमित्राजी माई, सीता जी हई तोहार

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भजन-६२

22 January 2024
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राम का सरनियाँ में सुखवा के सार । हमरो मनवाँ हो, राम हउवें परम उदार ।। दुखिया लाचार पर दया दरसावेले । शबरी के जूठ बइर प्रेमवा से पावेले ।। गीध के लाचार देख रोवले अँसुआ ढ़ार । हमरो मनवाँ हो, राम हउवें

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भजन-६३

22 January 2024
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राम का सरनियाँ में सुखवा के धाम । हमरो मनवाँ हो, छन छन बोल सीताराम ।। एक दिन छूट जइबऽ माया का जाल से । डर नाहीं रही तब कालो का काल से ।। बन जाई बिगड़ल सब काम । हमरो मनवाँ हो, हरदम बोलऽ सीताराम ।। सी

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भजन-६४

22 January 2024
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राम का चरनियाँ से कर मन प्रीत । एतने से होई तोहर दुनिया में जीत ।। दुनिया में आस नाहीं केहू से तू करिहऽ, गुरु के चरण रज हियरा में घरिहऽ । दुनिया में रही नाहीं केहू विपरीत ।। राम का...।। भगति के रस म

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भजन-६५

22 January 2024
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छोड़ऽ-छोड़ऽ छोड़ऽ मन झूठ के झमेला । दुनिया से जइबऽ तू एक दिन अकेला ।। थोड़े दिन रहे के बा ढ़ेर दिन बीतल, राम नाम जपके तू मन करऽ सीतल । लेके नाहीं जइबऽ तू माटियो के ढ़ेला ।। छोड़ऽ छोड़ऽ...।। रात-दिन

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भजन-६६

23 January 2024
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दुनिया के छोड़ी आस, रहीहऽ हरि के पास । बनीहऽ चरनिया के दास मन बावला ।। केहू के ना बूझिहऽ छोट, मन में ना रखिहऽ खोट । लेई लीहऽ राम नाम के ओट मन बावला ।। दुख सहिहऽ रहके चुप, याद रखिहऽ राम-रूप । पड़बऽ न

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भजन-६७

23 January 2024
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हरि सुमिरन मन हरदम करऽ । चलऽना अनीति पर हरदम डरऽ ।। हरि सुमिरन...।। केहूके डरावऽ जनि केहू से ना डरऽ । एक बेर मरिहऽ ना बेर-बेर मरऽ ।। हरि सुमिरन...।। अंग-अंग रोम-रोम राम रस भरऽ । नाम के जहाज चढ़ऽ भव

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भजन-६८

23 January 2024
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राम राम रटऽ मन दुख होई दूर । धीरे-धीरे हो जइबऽ माया से दूर ।। राम का चरनिया से होखे लागी प्रीत, धीरे-धीरे मीटि जाई सब भवभीत । भूल से ना होई कबो कवनो कसूर ।। राम राम रट...।। सहजे में सीख जइबऽ साधु के

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भजन-६६

23 January 2024
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मानऽ मानऽ मानऽ मन हमरो कहनवाँ । हाली-हाली भर लऽ तू नाम के खजनवाँ ।। रोज-रोज राम जी से नेहिया बढ़ावऽ । वासना का रस के तू तप से सुखावऽ ।। रोज-रोज नया-नया रचऽ तू भजनवाँ । मानऽ मानऽ मानऽ मन हमरो कहनवाँ ।

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भजन-७०

23 January 2024
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कइसे होइबऽ भव पार हो, मन अबहूँ से चेत । बीत ऽताटे साठ नाहीं सठता के छोड़ल ऽ, प्रभु का चरनियाँ से नेहिया ना जोड़लऽ । लाद लेलऽ माथा पर भार हो, मन अबहूँ से चेत ।। कइले...।। साधु के रूप तू तऽ ऊपर से बनव

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भजन-७१

23 January 2024
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चेतऽ चेतऽ चेतऽ मोर मनवाँ हो, तनि चेतऽ सबेरे । पारस छोड़िके लोहा अगोरेलऽ । बनि गइल माया के चेरे.... हो तनि चेतऽ सबेरे । छानऽलऽ बजरिया झुठ कपट के, पड़ गइल अपने से फेरे हो, तनि चेतऽ सबेरे... परनिंदा मे

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भजन-७२

23 January 2024
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का लेके आइल बाड़ऽ का लेके जइबऽ । करऽ ना भजन ना तऽ पीछे पछतइबऽ ।। करऽ ना गुमान अपना बुद्धि बल धन पर, सीताराम जप करऽ काबू राख मन पर । भगति के राह तब सहजे में पड्बऽ ।। का लेके...।। दुनिया के आस अब धीरे

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भजन-७३

23 January 2024
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साँस में टँगाइल साँस, चरन में लागल आस, केहू ना बचइया बाटे पास रघुराई जी । भँवर में फॅसल नाव, चलत नइखे कवनो दावऽ, उमरऽ में होखता घटावऽ रघुराई जी । संगी के छूटल साथऽ, लागल नाहीं कुछ हाथ ऽ, सहत नइखे बो

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भजन-७४

23 January 2024
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काहे करेलऽ मनमानी हो मन भजऽ सीताराम के । झूठे अभिमान में तू घूमेलऽ अनेरे, सरन में आवऽ तू जाग जा सबेरे । माटी के बा देहिया गुमान कवना काम के ।। काहे...।। राम के भजन बिन जिनगी बेकार बा, करके विचार देख

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भजन-७५

23 January 2024
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मन भजन करऽ तू रघुराई के, मन चित लाई के ना । हउवन दुखिया के हित, जे करेला इनसे प्रीत, ओके राखेलन सरन अपनाइके, मनचित लाई के ना । इनका लउकेला ना दोस, कबहूँ करेले ना रोष, जे एक बेर बोलेला दोहाई के, मन चि

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भजन-७६

23 January 2024
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मन भजन करऽ ना भगवान के, तबे रक्षा होई तोहरा प्राण के ना। दुइएगो बात बाटे बड़ एक तऽ भजन दूजे जीव दमदार, उपकार । एही में छिपल बाटे बात कल्याण के ।। मन भजन...।। एकोगो के गह लऽ तऽ बात बन जाई, धीरे-धीरे

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भजन-७७

24 January 2024
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मन भजन करऽ ना चित चोरे के, कोशिला किशोर के ना, पिता दशरथ जी महान, तेजले विरह में इनका प्राप्ण । बनवले देवलोक अस्थान, देहिया से नाता तोड़ के ना ।। कोशिला...।। धन कोशिला जी माई, दिहली ब्रह्म के बोलाई ।

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भजन-७८

24 January 2024
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एक बेर देखा दऽ आपन मोहनी मुरतिया । रघुनंदन हो, फेर ना कहब बारम्बार ।। रघुनंदन हो...।। मनु शतरूपा के एकबेर देखवलऽ । रघुनंदन हो, मिट गइल दुखवा अपार ।। रघुनंदन हो...।। मइया कोशिलाजी के सोइरी में देखवलऽ

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भजन-७६

24 January 2024
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रघुनंदन हो तनिए-सा दया दरसावऽ ।। रघुनंदन हो...।। दिन रात दउरिले दुनिया का दउर में, तिल-तिल पाकऽतानी वासना का भउर में। किरपा के अपना तू धार बरसावऽ, ।। रघुनंदन हो...।। तोहरा से बिछुड़ल कय जुग बीतल, बि

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भजन-८०

24 January 2024
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रघुनंदन हो चरण हुआ दऽ एक बार ।। टेक...।। जनम-जनमवाँ के तपन मिटा दऽ रघुनंदन हो, नर तन कर दऽ सुधार रघुनंदन हो......... लाख चौरासी के चक्कर मिटा दऽ रघुनंदन हो, करम के फल क दऽ क्षार, रघुनंदन हो........

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भजन-८१

24 January 2024
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रघुनंदन हो, फेर तनि एक बेर आवऽ । जरऽतानी अगिया में आके तू बचावऽ ।। रघुनंदन हो...।। दिन-रात तरपेले देखे ला अँखिया, रोई-रोई भींजेला आँसू से तकिया । तलफत करेजवा के शीतल बनावऽ ।। रघुनंदन हो...।। जनम-जनम

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भजन-८२

24 January 2024
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राम के गुलाम होखऽ रहबऽ आजाद । जिनगी में रही नाहीं कवनो विषाद ।। करेके बा अपना से, कर खूब सोच के । दुख-सुख सहऽ, मत रोव माथा नोच के ।। केहू से ना करऽ कबो मूलके विवाद । राम के गुलाम होखऽ रहबऽ आजाद ।।

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भजन-८३

24 January 2024
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शरणऽ में राखब बाटे पूरा बिसवास । नाहीं टुकराइले जे जाला रउरा पास ।। एक बेर सच्चा दिल से, शरण में जे आवेला, प्राणो से बढ़के रउरा, मन का उ भावेला । जीवन-रथ के थाम्ह लिले रउरा ओकर रास ।। शरण में राखब...

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भजन-८४

24 January 2024
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नरक के पंथ कुसंग तजि, सतसंग में बइठे के बान लगावऽ । काम-कथा तजि राम-कथा कह, जीभ के अपना पवित्र बनावऽ ।। रटि-रटि राम के नाम सदा, हियरा में तू ग्यान के जोत जगावऽ । 'भूषण' के मन कान करऽ, अब लोक सु

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भजन-८५

24 January 2024
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ज्ञान ध्यान होई नाहीं घोर कलजुगवा में, सीताराम नाम जप बहुते आसान बा । शिव सनकादि मुनि सिद्ध लोग जपे इहे, नानक कबीर सूर तुलसी के प्राण बा । राम नाम जप से त सभे सहमत बाटे, वेदवा पुराणवा में लिखल प्रमा

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भजन-८६

24 January 2024
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ध्रुव प्रहलाद तरि ग्राह से उबारी गज, शबरी जटायु आ विभीषण के तरलऽ । अधम अजामिल के पाक कइ दिहलऽ, अमीत अधम के तू भव से उबरलऽ । नानक कबीर सूर तुलसी के पीर हरि, मीरा नामदेव बाल्मीकि क सुधरलऽ । दया के सु

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भजन-८७

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हरदम चढ़ऽ मन नाम के जहाज पर । पकिया भरोसा राखऽ गुरु महाराज पर ।। महिमा बा नाम के नामियो से भारी, मानस में तुलसी जी कहले बिचारी। आवेलन राम जी दीन के आवाज पर ।। हरदम चढ़ऽ...11 गुरु हनुमान तोहर समरथ भर

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भजन-८८

24 January 2024
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धन-धन मिथिला के भाग, दुलहा बनि राघो जी अइले ।। टेक...।। साँवली सुरतिया इनकर मोहनी मुरतिया, देखि देखि राजा जी के बदलल मतिया । मिथिला के लोग सब देखि अगरइले ।। दुलहा बनि...।। साँवर-साँवर गोर-गोर दुलहा

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भजन-८६

24 January 2024
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ए दुलहा तनि एक बेर बोलऽ । भगिया के बंद ताला बोलके तू खोलऽ ।। धन-धन भाग बाटे मिथिलापुर बासी के । दुलहा रूप में दर्शन भइल अलख अविनाशी के ।। अगजग डोलावेलऽ तू मण्डप में डोलऽ । ए दुलहा तनि एक बेर बोलऽ ।।

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भजन-६०

24 January 2024
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कलि में राम नाम आधार ।। टेक...।। जनम जनम से भटकत बाड़ऽ, करि-करि लाख बहाना । राम नाम बिन मिटी ना संकट, छुटी ना आना-जाना ।। टेक...।। साधन सफल ना होई कवनो, मरबऽ फोर कपार । राम के होके नाम जपऽ तब, हो जइ

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भजन-६१

24 January 2024
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भजनिया सीताराम के करऽ, एक दिन जाये के पड़ी । बस केहू के ना चली, पीछे पछताय के पड़ी ।। भजनिया.....!! बाड़ऽ दू दिन के मेहमान, छोड़ दऽ झूठा अभिमान । अंत में धरती का बिछवना पर लोटाये के पड़ी ।। भजनिया...

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भजन-६२

24 January 2024
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चलऽ चलऽ चलऽ ना तऽ होखता अबेर । कुछ दिन रहेके बा बीत गइल ढ़ेर ।। चलऽ चल ऽ...।। उजर भइल केश, दाँत टूट भहराइल । अंखिया के जोत जाता तोहरा ओराइल ।। रोज-रोज राम के लगावऽ खूब टेर । चलऽ चलऽ चलऽ ना तऽ होखता अ

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भजन-६३

24 January 2024
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चलऽ चलऽ चलऽ मन रामजी का देश में । देश में तू रहऽ चाहे रह परदेश में ।। चलऽ चलऽ...।। उहवाँ ना भेदभाव उहवाँ ना झगड़ा, केहू का ना होला उहाँ केहू से रगड़ा । केहू के ना मन रहे जहँवा कलेश में ।। चलऽ चलऽ...।

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